क्या स्थानीय सभी पार्टी के नेता एवं वर्तमान विधायक एवं वर्तमान सांसद एवं वर्तमान सरकार कोई इस पर संज्ञान नहीं लेना चाहिए ?
क्या स्थानीय सभी पार्टी के नेता एवं वर्तमान विधायक एवं वर्तमान सांसद एवं वर्तमान सरकार कोई इस पर संज्ञान नहीं लेना चाहिए ? पटना जिलान्तर्गत बिक्रम प्रखंड मुख्यालय में करीब 20 वर्षों पूर्व नवम्बर 2002 में बनकर तैयार ट्रॉमा सेंटर सह रेफरल अस्पताल का हाल किसी से छुपा नहीं है। दुर्घटनाओं एवं आकस्मिक सेवा से जुड़े मरीजों के त्वरित इलाज के उद्देश्य से केंद्र के तत्कालीन बाजपेयी सरकार में रहे स्वास्थ्य परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ०सी०पी० ठाकुर के प्रयास से बिक्रम में हाइवे ट्रामा सेंटर सह रेफरल अस्पताल का निर्माण तो हुआ लेकिन उद्घाटन या चिकित्सकीय सुविधा मयस्सर नहीं हुयी । लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण के साथही अत्याधुनिक मशीनों से लैस भी किया गया तथा बड़े ही उत्साह के साथ लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद न तो ट्रामा सेंटर चालू हुआ और न रेफरल अस्पताल की सुविधा ही उपलब्ध हो सकी । सिर्फ सियासत के लिए केंद्र और राज्य सरकार के पेंच में स्वास्थ्य सुविधा उलझ कर रह गयी । भवन बदरंग हो चला है,दरारें आ गयी , मशीन जंग खा रहे है...