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Showing posts from May, 2025
 #बाबा_ब्रहोश्वर .. कौन हैं ब्रह्मेश्वर मुखिया?  मुखिया ब्रह्मेश्वर से बाबा ब्रह्मेश्वर बने कैसे? क्या कारण रहा कि हिंसा से दूर रहने वाले इंसान को अपने समय का दुर्दांत हिंसक होना पड़ गया? एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक देश में क्यों अलग से सेना बनाने की जरूरत पड़ गयी? ये सवाल महत्वपूर्ण हैं. इन सवालों के अलावा भी कई सारे सवाल हैं, जिन्हें जवाब का इंतजार है. सबसे पहले तो मुखियाजी को श्रद्धांजलि....💐🙏 आज उनकी हत्या को 9 साल हो गए हैं. दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीतिक कारणों से अभी तक सही हत्यारे सार्वजनिक नहीं हो पाए हैं. उम्मीद करते हैं कि आज नहीं तो कल, परतें उधेड़ी जायेंगी और हत्या करवाने वाले कायर का चेहरा भी बेनकाब होगा. बहरहाल, अब चर्चा करते हैं ऊपर वर्णित सवालों पर. ऊपर के सारे सवालों के जवाब हम देंगे आगे इसी लेख में, लेकिन उससे पहले कुछ सवाल मैं भी कर लूँ. इससे आगे जनता को समझने में आसानी होगी. फर्ज करिए कि दस हथियारबंद लोग आपके घर पर चढ़ जाएँ और आपको कह दें कि अभी सब छोड़कर यहाँ से भागो...अब सब हम लोगों का है, आप क्या करेंगे? भाग जायेंगे अपना घर छोड़कर या लड़ना पसंद करेंगे? यह भी कल्प...

अपनों ने अपने को लूटा गैरो में कहां दम था, किस्ती थी वहां डूबी जहां कुर्सी की चाह धर्म था ‼️

 विनम्र श्रद्धांजलि 🙏  अपनों ने अपने को लूटा गैरो में कहां दम था, किस्ती थी वहां डूबी जहां कुर्सी की चाह धर्म था ‼️ आपके जैसा ना कोई था, ना कोई हुआ है और ना कोई होगा। इस स्वार्थी दुनिया ने आपके नाम का स्वार्थ साधा है और साध रहा है। मैं तो आपसे कभी रु बा रु नहीं हुआ, परंतु आपकी वीरता की कहानी अपने पूर्वजों से सुना हूं। मैं आपकी तस्वीर जब भी देखता हूं और आपके बारे में जब भी चर्चा होती है तो यही सोचता हूं की कास आप हमेशा हम सभी के बीच होते। हाला की आपकी आत्माएं आज भी हमारे साथ रहती है। आप अमर हैं और अमर ही रहेंगे। जब भी आपके नाम पर लोग अपनी राजनीति रोटी सेंकते है तो मुझे बहुत ठेस पहुंचता है और हमेशा मैं उस व्यक्ति का विरोधी रहता हूं। आज आपके नाम पर कई संगठन तो बनाएं गए परंतु किसी संगठन ने आपके न्याय के लिए नहीं लड़ रहा है बस वह समाज का शोषण और अपनी राजनीति रोटी सेंकने में लगा है। आज लोग आपके नाम पर भीड़ इक्कठा करते हैं और अपनी बाहुबल को दिखाकर समाज का शोषण कर बस अपने आप को निखारने में लगे हैं। आज हमारे समाज को कई भागों में तोड़ दिया गया है जिसे अब जोड़ना बहुत मुस्कील हो गया है। ...