पटना(रूपसपुर)निवासी अयांश सिंह दुर्लभ बीमारी स्पाइनल मस्कुलर ऐट्रोफी(SMA) टाइप-1 से जंग लड़ रहा है।यह मात्र 10 महीने का बालक अयांश इस दुर्लभ बीमारी की गिरफ्त में आनेवाला देश का तीसरा और बिहार का पहला मरीज है।इस बीमारी में शरीर के सारे अंग धीरे धीरे काम करना बंद कर देते हैं और अंत में मरीज की.... राहत की बात यह है कि इस बीमारी का इलाज है। Zolgensma इंजेक्शन हीं इस बीमारी का एकमात्र इलाज है परंतु इस इंजेक्शन की कीमत 16 करोड़ रुपए है। सिर्फ अमेरिका में बननेवाले इस इंजेक्शन के उपयोग से भारत में इस बीमारी से ग्रसित हुए 2 मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज हो चुका है। यह लाइलाज बीमारी नहीं है परंतु इतनी बड़ी रकम जमा कर पाना अयांश के परिजनों के लिए सम्भव नहीं है। परंतु यदि हम सभी मिलकर सहयोग करेंगे तो कुछ भी असम्भव नहीं है। हम सभी को एकजुट होकर उस इंजेक्शन के लिए सोलह करोड़ रुपए इकट्ठा करने होंगे। हम सभी को आगे आना होगा और समाज के अन्य लोगों को भी इस मुहिम से जोड़ना होगा। बिहार के इस बच्चे के जिंदगी की जिम्मेदारी हम सभी बिहार वासियों की है और इस जिम्मेदारी को हम सभी हर हाल में निभाएंगे। आईये एक मुहिम...