आखिर ऐसे कैसे किसी को परिवार के बीच में बैठ कर पोर्न देखने को मजबूर किया जा सकता है ???? अब तो घर में बच्चों के बीच बैठकर न्यूज देखना भी बहुत बड़ी शर्मिदगी का काम हो गया है ! वैसे तो मैं और कोई चैनल देखता ही नही हूँ सिवाय न्यूज के आजकल सभी न्यूज़ चैनलों पर हर ब्रेक में एक कन्डोम का प्रचार आता है और इस प्रचार में आती है एक अन्तरराष्ट्रीय वेश्या जिनका नाम है सनी लियोनी ! इस एडवर्टाईजमेंट में गाना चलता है "मन क्यों बहका रे बहका आधी रात में " और इतने अश्लिल ढंग से कपड़ा उतारते और बेड पर लेटते दिखाया जाता है कि परिवार व बच्चों के बीच बैठे एक सभ्य परिवार के व्यक्ति का सर शर्म से झुक जाता है ! आखिर ऐसे कैसे किसी को परिवार के बीच में बैठ कर पोर्न देखने को मजबूर किया जा सकता है ? क्या हम किसी भी वस्तु के प्रचार को सभ्य ढंग से नही दिखा सकते ? क्या हर सामान को बेचने के लिए (चाहे वह एक पानी का बोतल हो या अंडरवेयर और बनियान, चाहे वह परफ्यूम हो या शेविंग ब्लेड) इनके विज्ञापनों में अधनंगी लड़कियों, किसिंग सीन का होना, भद्दे तरीके से लिपटा लिपटी दिखाना आवश्यक है ? हद तो तब हो गयी जब ए...