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Showing posts from September, 2022

राम का चरित्र : मानवीय गुणों का प्रतिबिंब ---- नरेन्द्र शर्मा

 राम का चरित्र : मानवीय गुणों का प्रतिबिंब                                               ----  नरेन्द्र शर्मा                                                                                               जगत् की सार्थकता तभी है, जब जीवन स्थापित है और जीवन का आश्रय स्थल जगत् ही तो है। फलत: जीवन और जगत् के राजमार्ग से होकर ही मनुष्यता, इंसानियत, मानवीय प्रेरणा, मानवीय वर्जनाएं और आदमीयत के सारे क्रिया- व्यापार व भौतिक जीवन के सकल संवेदना और आवेग विकसित, संवर्धित और अनुशासित होते हैं।             यद्यपि, राम ईश्वरीय सत्ता के आवरण में भारतीय लोकमानस की चेतना में स्वीकार्य हैं , तथापि सामाजिक व्यवस्...