Skip to main content











 मैं #ट्रामा सेन्टर #बिक्रम का आज भी शिलान्यास के पक्ष में नहीं हूं, 


बिक्रम ट्रामा सेन्टर जो 2001 में पदम् श्री Dr CP Thakur जी के एवं श्री #शकुनी चौधरी जी एवं श्री #रामजन्म शर्मा जी के द्वारा शिलान्यास किया गया था । यह ट्रामा सेन्टर का 24 वर्ष हो गया आज तक इसका उद्घाटन नहीं हुआ और न ही संचालित किया गया। जबकि 2001 में 1.5 कड़ोर की लागत से इसकी भवन और इसमें उपयोग होने वाली मशीनें भी लगाएं गए लेकिन सभी मशीनों एवं #एम्बुलेंस में जंग लग गए। जब यह ट्रामा सेन्टर का शिलान्यास हुआ था तो उस समय भी #बिक्रम के लोग #ढोल #नगाड़े बजाए थे और #खुशी जाहिर किए थे वही यादें आज चुनाव के नजदीक आने के कारण देखने को मिल रहा है। हमें यह समझ में नहीं आ रहा कि जो नुकसान पूर्व में हुई है उसका खुशी मनाया जाए या दुबारा वही #नुकसान होने जा रहा है उसका खुशी मनाया जा रहा है। 


क्या कोई जवाब दे सकता है कि जो #बिल्डिंग बनी है उसका क्या होगा? 

* जो x-ray #मशीन में जंग लग गई उसका भरपाई कौन करेगा?

* जो #एंबुलेंस लगे हैं उसका क्या होगा?

* जो भी जांच मशीनें हैं उसका क्या होगा? 

* जो पहले #ट्रामा सेन्टर का शिलान्यास हुआ था उसका क्या होगा? 

* 1.5 #करोड़ रुपए का नुकसान कौन देगा? 

*क्या पुरानी बिल्डिंग में 5 #icu bead और कुछ डॉक्टर एवं मेडिकल स्टाफ को भर्ती कर चालू नहीं किया जा सकता? 

* क्या जनता को इसे चालू करने की मांग नहीं करनी चाहिए?

* #Dr CP Thakur जी के द्वारा शिलान्यास किया गया तो उसका उदघाटन क्यों नहीं हो रहा है? 

बहुत सी बातें जो समझना होगा, कही यह भी शिलान्यास पट्ट पर नाम बदली कर उदघाटन का आंदोलन का निउ तो नहीं रखा जा रहा। 

क्यों जैसे #PMCH patna, #AIIMS Patna, #IIIT Patna इत्यादि कई संस्था को पहले छोटा रूप में चालू किया गया उसके बाद विस्तार किया गया, तो उस तरह ट्रामा सेन्टर बिक्रम को क्यों नहीं उद्घाटन कर विस्तार किया जा रहा है। 

मैं संच कह दूं तो तकलीफ लग जाता है, 

मैं इस शिलान्यास को 1.5 करोड़ का नुकसान मानता हूं और #बिक्रम को पुनः #ठगा जाएगा। 

जैसे 24 वर्षों से लोग इसे चालू करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं और किए हैं उसका परिणाम यह है कि 1.5 करोड़ का नुकसान कर दुबारा शिलान्यास और फिर उद्घाटन के लिए लोग राह देखता रहे यह तो एक ठगने की प्रकाष्ठा है। 

मैं तो साफ कहता हूं कि जिसने जिसने मन से ट्रामा सेन्टर को चालू करने हेतु #आंदोलन किया है वह कभी भी इस शिलान्यास से खुश नहीं हो सकता क्योंकि चालू करने हेतु किया गया आंदोलन का #दर्द वही जनता है। 

मैं आज भी कहता हूं कि हमारे आदर्श #डॉ #सीपी #ठाकुर जी को सही मायने में समान देना है तो उनके द्वारा शिलान्यास किया गया #ट्रामा #सेन्टर को चालू किया जाए और इसका विस्तार किया जाए। डॉक्टर साहब का हमारे क्षेत्र और समाज के लिए बहुत बड़ा योगदान रहा है।


संबंधित कागजात और कुछ पुरानी खबरें आपको साझा कर रहा हूं। 


Mangal Pandey Ram Janam Sharma Vivek Thakur Deepak Thakur M Priyadarshini Dr Mamtamayi Priyadarshini Amit Kumar Chet Prakash Jyot Prakash Sharma Narendra Modi Samrat Choudhary District Administration Patna Niraj Kumar Singh Ministry of Home Affairs, Government of India News24 News18 Bihar Express News Global 


#bikram #trama #News #today #newsupdate2025

Comments

Popular posts from this blog

बुजुर्ग सिर्फ सीनियर सिटीजन नहीं युवा पीढ़ी के बीच के कनेक्टिंग लिंक (संबंधसूत्र) हैं : डॉ० ममतामयी प्रियदर्शिनी

 बुजुर्ग  सिर्फ सीनियर सिटीजन नहीं  युवा पीढ़ी के बीच के कनेक्टिंग लिंक (संबंधसूत्र) हैं :  डॉ० ममतामयी प्रियदर्शिनी मार्गदर्शक सम्मान सह धरोहर संरक्षण अभियान   जिन्हें हम आजकल सिर्फ सीनियर सिटीजन समझने लगे हैं, वो दरअसल हमारे पूर्वजों और युवा पीढ़ी के बीच के कनेक्टिंग लिंक (संबंधसूत्र) हैं। ये सम्माननीय बुजुर्ग ही हमारे मार्गदर्शक हैं तथा पूर्वजों के धरोहर, थाती, सभ्यता एवम संस्कृति के संवाहक हैं।  सम्मान  जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी प्रेरणा ले सके और अपनी सभ्यता संस्कृति को प्रायोगिक तौर पर समझ सके उपयुक्त बाते डॉ ० ममतामयी प्रियदर्शिनी  ने "गंभीर बाबा मंदिर" के प्रांगण में मार्गदर्शक सम्मान आयोजित कार्यक्रम में कही! उनहोंने कहा की बुजुर्ग किसी परिवार, सामाजऔर देश के लिए एक चटान के तरह होते है!उन्होंने कहा की सामान्यतः दो प्रकार के धरोहरों की बात हमेशा होती है, ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहर, लेकिन मेरा मानना है एक महत्वपूर्ण जीवित धरोहर हमारे बीच हैं, हमारे बुजुर्ग lजो थोड़े नजरंदाज हो रहे हैं। अतः इसी साल डॉ० ममतमयी प्रियदर्शिनी ने  अगस्त ...
 पूरे देश में यह लागू होनी चाहिए। आवारा कुत्तों के काटने से प्रतिदिन लोगों को जाती है जाने।  सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के आवारा कुत्तों को शेल्टर में भेजने और इस काम में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का जो आदेश दिया है, वो भले ही व्यावहारिक रूप से बहुत प्रभावी न हो लेकिन सांकेतिक रूप से इसका महत्व बहुत बड़ा है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस आदेश से दिखाया कि वो आम जनता की समस्याओं के प्रति सरकार से ज्यादा जागरूक और चिंतित है तथा वह भी इन पर्यावरणवादी पशुप्रेमियों की असली हकीकत से वाकिफ है। लगभग हर महीने और कभी कभी तो हर सप्ताह किसी बालक बालिका या बुजुर्ग की इन आवारा कुत्तों के नोचने के कारण मृत्यु की खबर जब आम हो चुकी है। सुबह की सैर करने वाले या दिहाड़ी नौकरी की मजबूरियों के चलते सुबह जल्दी निकलने वाले या रात में देर में लौटने वाले ग्रामीण कस्बाई छोटे तबके के लोग इन आवारा कुत्तों के भय में जी रहे हैं तब सुप्रीम कोर्ट का एक आदेश दिखा गया कि उसे वास्तव में फर्जी पशुप्रेमियों से ज्यादा एक आम आदमी की जान की चिंता है। रेबीज एक लाइलाज बीमारी है जो कुत्ते के का...

अपनों ने अपने को लूटा गैरो में कहां दम था, किस्ती थी वहां डूबी जहां कुर्सी की चाह धर्म था ‼️

 विनम्र श्रद्धांजलि 🙏  अपनों ने अपने को लूटा गैरो में कहां दम था, किस्ती थी वहां डूबी जहां कुर्सी की चाह धर्म था ‼️ आपके जैसा ना कोई था, ना कोई हुआ है और ना कोई होगा। इस स्वार्थी दुनिया ने आपके नाम का स्वार्थ साधा है और साध रहा है। मैं तो आपसे कभी रु बा रु नहीं हुआ, परंतु आपकी वीरता की कहानी अपने पूर्वजों से सुना हूं। मैं आपकी तस्वीर जब भी देखता हूं और आपके बारे में जब भी चर्चा होती है तो यही सोचता हूं की कास आप हमेशा हम सभी के बीच होते। हाला की आपकी आत्माएं आज भी हमारे साथ रहती है। आप अमर हैं और अमर ही रहेंगे। जब भी आपके नाम पर लोग अपनी राजनीति रोटी सेंकते है तो मुझे बहुत ठेस पहुंचता है और हमेशा मैं उस व्यक्ति का विरोधी रहता हूं। आज आपके नाम पर कई संगठन तो बनाएं गए परंतु किसी संगठन ने आपके न्याय के लिए नहीं लड़ रहा है बस वह समाज का शोषण और अपनी राजनीति रोटी सेंकने में लगा है। आज लोग आपके नाम पर भीड़ इक्कठा करते हैं और अपनी बाहुबल को दिखाकर समाज का शोषण कर बस अपने आप को निखारने में लगे हैं। आज हमारे समाज को कई भागों में तोड़ दिया गया है जिसे अब जोड़ना बहुत मुस्कील हो गया है। ...