पापा ने हैपी बर्थडे पर मोबाईल दिलाया था, online हुई पढ़ाई किस्तो पर मंगवाया था।
पढ़ो बेटियों बढ़ो बेटियों उन्होने मन मे ठाना था, दूनियां कर लेंगे मुठ्ठी में दुनियां को दिखलाना था।
वही मोबाईल से वह लड़की इंस्टाग्राम चलाती है, पढ़ती नहीं पढ़ाती है दिन भर रिल बनाती है।
वो पापा की परी आजकल इतनी ज्यादा शोसल है, वेपरदा घर को कर डाला, जैसे की वह होटल है।
शहजादी आजादी पा कर आसमां में झुल गई, इतनी बोल्ड हो गई की संसकार को हि भुल गई। हांथो से कभी दिल दिखाती टैटु खुब बनवाती है, किसी आईटम गर्ल की तरह ठुमके खुब लगाती है।
पढ़ती नहीं पढ़ाती है दिन-भर रिल बनाती है।
बाकी सब खुलम-खुला परंतु मोबाईल में लॉक लगे, कोई मोबाईल छु ले तो उस लड़की को शौक लगे।
मम्मी-पापा हप्तो भर बाते नहीं कर पाते हैं, रोज हजारो मैसेज उसको Good Morning के आते हैं।
Good Morning का उत्तर देते-देते Good Night हो जाती है, पढ़ती नहीं पढ़ाती दिन भर रिल बनाती है।
उसके कुझ फॉलोवर जैसे मैखाने के रिन्द हुए, ना जाने कितने बुढो को मोतियाबिंद हुए।
एक फॉलोवर ऐसे थे जो सबसे पहले आता था, तारिफो के पुल बांधे ना किसी को लगाता था। उसकी तारिफे सुनकर फुले नहीं समाती थी, पढ़ती नहीं पढ़ाती थी दिन भर रील बनाती थी।
केवल एक मिसकॉल में चिड़ियां फस गई जाल में, उसको मिलगया शाहजादा, प्यार हो गया हद से ज्यादा। लांघ गई घर की दहलिजे सोंचा किस्मत जाग गई, आखिर वह शाहजादी पंचर वाले संग भाग गई। अब घर वाले ढुंढ रहे पर कहीं नजर नहीं आती है, पढ़ती नहीं पढ़ाती है दिन भर रील बनाती है।
थोड़ी सी नादानी में जो पापा की सपना थी, पहले जैसा अब ना थी।
यही शहर के पास मिली छोटी नहर के पास मिली वो पापा की परी मिली सुटकेस में भरी मिली। वह पापा की परी की टैटु से पहचान हुई, अब पापा पश्चताते हैं कि क्यों गिफ्ट मोबाईल दिलाई।
पढ़ती नहीं पढ़ाती है दिन भर रील बनाती है।
मैं तो अब कहता हूं, अभी समय है जाग जावो, अपने घर के बच्चो को मोबाईल से दूर हटाओ।
बाद में पछताने से अच्छा होगा की समय रहते जाग जावो, नहीं तो रीलस की दुनियां है पछतावा के अलावा कुछ न पाओ।
आप सभी से अनुरोध है कि अपने बच्चो पर ध्यान दिजीए और अपने घर पर समय दें।
✍️ सुमित कुमार (Brothers of Bihar)
#brothersofbihar #viralreelsfb #trendingreels #बिहार #महिलाओं #बिक्रम #newsupdate #followers #patna

Comments
Post a Comment