Skip to main content

सभी_महिलाओ_को_आदर_सहित_समर्पित

 #सभी_महिलाओ_को_आदर_सहित_समर्पित



लड़के ने नम्बर मांगा आप ने दे दिया... 

लड़के ने तस्वीर मांगी आप ने दे दी...

लड़के ने वीडियो कॉल के लिए कहा आप ने कर ली...

लड़के ने दुपट्टा हटाने को कहा आप ने हटा दिया...

लड़के ने कुछ देखने की ख्वाहिश की आप ने पूरी कर दी...

लड़के ने मिलने को कहा आप माँ बाप को धोखा देकर आशिक़ से मिलने पहुंच गयीं...

लड़के ने बाग में बैठ कर आप की तारीफ़ करते हुए आपको सरसब्ज़ बाग दिखाए आपने देख लिये...

फिर जूस कार्नर पर जूस पीते वक़्त लड़के ने हाथ लगाया, इशारे किये, मगर कोई बात नहीं अब नया ज़माना है यह सब तो चलता ही है...

फिर लड़के ने होटल में कमरा लेने की बात की, आप ने शर्माते हुए इंकार कर दिया, कि शादी से पहले यह सब अच्छा तो नहीं लगता न...

फिर दो तीन बार कहने पर आप तैयार हो गयीं होटल के कमरे में जाने के लिए...

आप दोनों ने मिल कर खूब एंजॉय किया...

अंडरस्टेंडिंग के नाम पर दुल्हा दुल्हन बन गए बस बच्चा पैदा न हो इस पर ध्यान दिया...

फिर एक दिन झगड़ा हुआ और सब खत्म क्योंकि हराम रिश्तों का अंजाम कुछ ऐसा ही होता है...

लेकिन लेकिन...

यहां सरासर मर्द गलत नहीं है, वह भेड़िया है, वह मुजरिम है, वह सबकुछ है...

क्योंकि आप ने तो तस्वीर नहीं दी थी वह जबर्दस्ती आपके मोबाइल में घुस कर ले गया था...

आप ने तो अपना नम्बर नहीं दिया वह लड़का खुद आप के मोबाइल से नम्बर ले गया था...

आप ने तो वीडियो कॉल नहीं की वह लड़का खुद आप के घर पहुंच गया था आपको लाइव देखने...

जूस कार्नर पर भी जबरदस्ती ले गया था गन प्वाइंट पर...

होटल के कमरे तक भी वह आपको जबर्दस्ती आपके घर से ले गया था...

तो मुजरिम तो सिर्फ लड़का है आप तो बिल्कुल भी नहीं...

बच्ची हैं आप कोई चार साल की?

आपको समझ नहीं आती?

यह कचरे में पड़ी लाशें देख कर भी आपको अक़्ल नहीं आती?

यह बिना सर के मिलने वाले धड़ आपकी अक़्ल पर कोई चोट नहीं देते?

यह सोशल मीडिया पर आए दिन ज़्यादती के बढ़ती हुई घटना आपको कुछ नहीं बताती?

जूस कार्नर पर जाना, अपनी नंगी तस्वीर किसी गैर आदमी या लड़के को देना...

आपको नहीं पता था कि एक होटल के कमरे में या चारदीवारी में जिस्मों की प्यास बुझाई जाती है, 

सब पता था आपको, सब पता है आपको...

होटल के कमरे में मुहब्बत के अफसाने नहीं लिखे जाते,वहां कोई इबादत नही होती है

फिर शिकायत होती है के चार लड़कों ने ग्रुप रेप कर दिया... 

क्या लगता है वह आपका जो आपकी इज्ज़त का ख्याल रखे जो खुद आपको इसी मकसद के लिए लेकर जा रहा है?

अपनी सीमा में रहेंगी तो आपको कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता...

जिस्म के भूखो से दूर ही रहे लड़का हो या लड़की प्यार जैसे पवित्र रिश्ते को बदनाम ना करे प्यार दिल देखकर करे ना कि जिस्म देखकर l❣ जब तक तुम साथ नही दोगी तब तक किसी लड़के की कोई औकात नही हैं कि वो तुम्हे किसी होटल के रूम तक ले जा सके।।।।गलत लगे तो  मुझे माफ कीजिएगा!!!🙏😓😭

Comments

Popular posts from this blog

बुजुर्ग सिर्फ सीनियर सिटीजन नहीं युवा पीढ़ी के बीच के कनेक्टिंग लिंक (संबंधसूत्र) हैं : डॉ० ममतामयी प्रियदर्शिनी

 बुजुर्ग  सिर्फ सीनियर सिटीजन नहीं  युवा पीढ़ी के बीच के कनेक्टिंग लिंक (संबंधसूत्र) हैं :  डॉ० ममतामयी प्रियदर्शिनी मार्गदर्शक सम्मान सह धरोहर संरक्षण अभियान   जिन्हें हम आजकल सिर्फ सीनियर सिटीजन समझने लगे हैं, वो दरअसल हमारे पूर्वजों और युवा पीढ़ी के बीच के कनेक्टिंग लिंक (संबंधसूत्र) हैं। ये सम्माननीय बुजुर्ग ही हमारे मार्गदर्शक हैं तथा पूर्वजों के धरोहर, थाती, सभ्यता एवम संस्कृति के संवाहक हैं।  सम्मान  जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी प्रेरणा ले सके और अपनी सभ्यता संस्कृति को प्रायोगिक तौर पर समझ सके उपयुक्त बाते डॉ ० ममतामयी प्रियदर्शिनी  ने "गंभीर बाबा मंदिर" के प्रांगण में मार्गदर्शक सम्मान आयोजित कार्यक्रम में कही! उनहोंने कहा की बुजुर्ग किसी परिवार, सामाजऔर देश के लिए एक चटान के तरह होते है!उन्होंने कहा की सामान्यतः दो प्रकार के धरोहरों की बात हमेशा होती है, ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहर, लेकिन मेरा मानना है एक महत्वपूर्ण जीवित धरोहर हमारे बीच हैं, हमारे बुजुर्ग lजो थोड़े नजरंदाज हो रहे हैं। अतः इसी साल डॉ० ममतमयी प्रियदर्शिनी ने  अगस्त ...
 पूरे देश में यह लागू होनी चाहिए। आवारा कुत्तों के काटने से प्रतिदिन लोगों को जाती है जाने।  सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के आवारा कुत्तों को शेल्टर में भेजने और इस काम में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का जो आदेश दिया है, वो भले ही व्यावहारिक रूप से बहुत प्रभावी न हो लेकिन सांकेतिक रूप से इसका महत्व बहुत बड़ा है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस आदेश से दिखाया कि वो आम जनता की समस्याओं के प्रति सरकार से ज्यादा जागरूक और चिंतित है तथा वह भी इन पर्यावरणवादी पशुप्रेमियों की असली हकीकत से वाकिफ है। लगभग हर महीने और कभी कभी तो हर सप्ताह किसी बालक बालिका या बुजुर्ग की इन आवारा कुत्तों के नोचने के कारण मृत्यु की खबर जब आम हो चुकी है। सुबह की सैर करने वाले या दिहाड़ी नौकरी की मजबूरियों के चलते सुबह जल्दी निकलने वाले या रात में देर में लौटने वाले ग्रामीण कस्बाई छोटे तबके के लोग इन आवारा कुत्तों के भय में जी रहे हैं तब सुप्रीम कोर्ट का एक आदेश दिखा गया कि उसे वास्तव में फर्जी पशुप्रेमियों से ज्यादा एक आम आदमी की जान की चिंता है। रेबीज एक लाइलाज बीमारी है जो कुत्ते के का...

अपनों ने अपने को लूटा गैरो में कहां दम था, किस्ती थी वहां डूबी जहां कुर्सी की चाह धर्म था ‼️

 विनम्र श्रद्धांजलि 🙏  अपनों ने अपने को लूटा गैरो में कहां दम था, किस्ती थी वहां डूबी जहां कुर्सी की चाह धर्म था ‼️ आपके जैसा ना कोई था, ना कोई हुआ है और ना कोई होगा। इस स्वार्थी दुनिया ने आपके नाम का स्वार्थ साधा है और साध रहा है। मैं तो आपसे कभी रु बा रु नहीं हुआ, परंतु आपकी वीरता की कहानी अपने पूर्वजों से सुना हूं। मैं आपकी तस्वीर जब भी देखता हूं और आपके बारे में जब भी चर्चा होती है तो यही सोचता हूं की कास आप हमेशा हम सभी के बीच होते। हाला की आपकी आत्माएं आज भी हमारे साथ रहती है। आप अमर हैं और अमर ही रहेंगे। जब भी आपके नाम पर लोग अपनी राजनीति रोटी सेंकते है तो मुझे बहुत ठेस पहुंचता है और हमेशा मैं उस व्यक्ति का विरोधी रहता हूं। आज आपके नाम पर कई संगठन तो बनाएं गए परंतु किसी संगठन ने आपके न्याय के लिए नहीं लड़ रहा है बस वह समाज का शोषण और अपनी राजनीति रोटी सेंकने में लगा है। आज लोग आपके नाम पर भीड़ इक्कठा करते हैं और अपनी बाहुबल को दिखाकर समाज का शोषण कर बस अपने आप को निखारने में लगे हैं। आज हमारे समाज को कई भागों में तोड़ दिया गया है जिसे अब जोड़ना बहुत मुस्कील हो गया है। ...